google.com, pub-5050673853034467, DIRECT, f08c47fec0942fa0 चैत्र नवरात्रि का पहला दिन: माँ शैलपुत्री की पूजा विधि, सामग्री, मंत्र, आरती और उपाय Skip to main content

5 super suplyment

चैत्र नवरात्रि का पहला दिन: माँ शैलपुत्री की पूजा विधि, सामग्री, मंत्र, आरती और उपाय

 

चैत्र नवरात्रि का पहला दिन: माँ शैलपुत्री की पूजा विधि, सामग्री, मंत्र, आरती और उपाय

विषय-सूची (Table of Contents)

  1. चैत्र नवरात्रि का महत्व

  2. पहले दिन पूजी जाने वाली देवी – माँ शैलपुत्री

  3. माँ शैलपुत्री की पूजा विधि

  4. पूजा में उपयोगी सामग्री

  5. माँ शैलपुत्री के मंत्र

  6. माँ शैलपुत्री की आरती

  7. माँ शैलपुत्री की पूजा के लाभ

  8. आज के विशेष उपाय

  9. निष्कर्ष


1. चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है और राम नवमी तक चलता है। यह वसंत ऋतु में आता है और इसे आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर माना जाता है। इस दौरान व्रत, हवन, जप और साधना की जाती है।




2. पहले दिन पूजी जाने वाली देवी – माँ शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री कहा जाता है।

माँ शैलपुत्री का स्वरूप

  • माँ शैलपुत्री का वाहन वृषभ (बैल) है, इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है।

  • इनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल होता है।

  • ये शांति, धैर्य और सत्वगुण की प्रतीक हैं।

  • इनके पूजन से चंद्र दोष समाप्त होते हैं।


3. माँ शैलपुत्री की पूजा विधि

माँ शैलपुत्री की पूजा सूर्योदय के समय शुभ मुहूर्त में की जाती है। पूजा विधि इस प्रकार है:

  1. स्नान और संकल्प – प्रातः स्नान कर लाल या पीले वस्त्र धारण करें। माँ की पूजा का संकल्प लें।

  2. कलश स्थापना – एक मिट्टी या तांबे के कलश में जल भरकर उसमें आम, अशोक या आम के पत्ते रखें।

  3. माँ शैलपुत्री का आवाहन – माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

  4. सामग्री अर्पण – माँ को चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य चढ़ाएं।

  5. मंत्र जाप और स्तुति – माँ शैलपुत्री के मंत्रों का जाप करें।

  6. आरती और प्रसाद वितरण – अंत में माता की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।


4. पूजा में उपयोगी सामग्री

सामग्री उपयोग
जल कलश और अभिषेक के लिए
चंदन तिलक लगाने के लिए
अक्षत शुभता के प्रतीक रूप में
पुष्प देवी माँ को अर्पण के लिए
धूप/दीप वातावरण शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए
नैवेद्य माता को भोग लगाने के लिए
लाल चुनरी माँ को चढ़ाने के लिए
नारियल कलश स्थापना में उपयोग
गंगाजल शुद्धिकरण के लिए
पंचमेवा भोग के लिए

5. माँ शैलपुत्री के मंत्र

ध्यान मंत्र:

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

बीज मंत्र:

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः॥


6. माँ शैलपुत्री की आरती

जय शैलपुत्री माँ, जय शैलपुत्री माँ।
सभी जगत में तू ही है पूज्य, जय शैलपुत्री माँ॥

तेरी कृपा से ही, होता है उद्धार।
तेरी ही शरण में, मिटता अंधकार॥


7. माँ शैलपुत्री की पूजा के लाभ

  1. मानसिक शांति – माँ की कृपा से मानसिक तनाव दूर होता है।

  2. परिवार में सुख-शांति – माँ शैलपुत्री की उपासना से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

  3. आध्यात्मिक जागरण – साधक को आत्मबल और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है।

  4. विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान – अविवाहित कन्याओं के लिए यह पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है।

  5. चंद्र दोष निवारण – माँ की पूजा से चंद्र ग्रह से जुड़ी समस्याएँ दूर होती हैं।

  6. स्वास्थ्य लाभ – माँ शैलपुत्री की कृपा से बीमारियों से मुक्ति मिलती है।


8. आज के विशेष उपाय

  1. सिंदूर का दान करें – यह उपाय शुभ फल प्रदान करता है।

  2. गाय को हरा चारा खिलाएं – इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

  3. सफेद फूल चढ़ाएं – इससे चंद्र दोष शांत होते हैं।

  4. चांदी का दान करें – आर्थिक उन्नति के लिए लाभकारी है।

  5. माँ के बीज मंत्र का जाप करें – कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः।

  6. माँ को घी का दीपक जलाएं – इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

  7. ब्राह्मणों को भोजन कराएं – इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।


9. निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि का पहला दिन माँ शैलपुत्री की पूजा से जुड़ा होता है। यह दिन साधना, भक्ति और शक्ति साधना के लिए विशेष महत्व रखता है। माँ की पूजा विधि, मंत्र, आरती और उपायों को अपनाकर हम जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति प्राप्त कर सकते हैं। माँ शैलपुत्री की कृपा से साधक को अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा और सफलता प्राप्त होती है।


आप सभी को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएँ!

Comments

Popular posts from this blog

खुजली की दवा

 खुजली की दवा khujli ki dawa खुजली किसी को भी परेशान करने वाली त्वचा की बीमारी है खुजली त्वचा को रगड़ने या खुजलाने के लिए प्रेरित करती है यह सुखी त्वचा लिवर की बीमारी त्वचा की बीमारी या किसी दवाई का रिएक्शन आदि से हो सकती है  यह शरीर में किसी एक एक भाग या पूरे शरीर में हो सकती है खुजली होने पर त्वचा मे  लाल निशान ड्राई स्किन या सामान्य स्किन भी हो सकती है शरीर में नमी को बनाए रखने वाली क्रीम लोशन नारियल तेल ठंडे पानी से स्नान करने से खुजली में राहत मिल जाती है खुजली को जड़ से खत्म करने के लिए खुजली के कारण को जानना जरूरी होता है तभी इसका इलाज संभव है इसके लिए आप फिजीशियन  स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह ले सकते हैं खुजली के लिए टेस्ट Table Of Contents खुजली की जानकारी करने के लिए कुछ टेस्ट होते हैं जिनको अपना सकते हैं ब्लड टेस्ट सीबीसी(CBC) टोटल आईजीई (total IgE)एलर्जी प्रोफाइल और स्किन टेस्ट में सेंसटिविटी बायोप्सी आदि खुजली के लक्षण क्या है खुजली शरीर में कहीं भी हो सकती है सर से लेकर पैर तक  खुजली के कोई विशेष लक्षण नहीं, यह सामान्य भी ह...

5 super suplyment

Vitality Max - 5 Super Supplements for Men Unlock Your Peak Potential with Vitality Max The ultimate 5-in-1 super supplement blend designed exclusively for men. Order Now & Feel the Difference Why Vitality Max? Vitality Max is more than just a supplement; it's a synergistic blend of five powerful ingredients meticulously chosen to support men's health. From boosting energy to enhancing focus and overall well-being, we've got you covered. Benefits You'll Experience ...

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट Lipid profile test in hindi

1. Lipid profile लिपिड प्रोफाइल Table Of Contents लिपिड टेस्ट एक ब्लड की जांच होती है इसमें यह पता लगाया जाता है कि आपके शरीर में लिपिड ( वसा)  कितना है यह लिपिड दो तरह के होते हैं जिसे हम गुड  कोलेस्ट्रोल और  बैड कोलेस्ट्रॉल की कैटेगरी में बांट सकते हैं कोलेस्ट्रोल से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है लेकिन कोलेस्ट्रोल की अधिकता से कई गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं हार्ट अटैक बीपी पैरालाइसिस हार्ट संबंधी बीमारियां तनाव ,शुगर ,अबसाद आदि लिपिड हमारी ब्लड वेसल्स रक्त वाहिनी मे जमा एक्स्ट्रा लिपिड (फैट) को मापने के लिए किए जाने वाला एक ब्लड टेस्ट है 2. लिपिड प्रोफाइल में की जाने वाली जांच Test in lipid profile लिपिड प्रोफाइल में किए जाने वाले रेस्ट टेस्ट 1.कोलेस्ट्रोल(cholesterol ) 2.ट्राइग्लिसराइड (Triglycerides) 3. एचडीएल (HDL ) 4.एलडीएल(LDL) 5.वीएलडीएल (VLDL) 6.Chol/Hdl risk factor 3.लिपिड प्रोफाइल नार्मल रेंज Lipid profile normal value  कोलेस्ट्रोल        ( Cholesterol)   130 -250 mg/dl ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides)...

डबल मार्कर टेस्ट (Double marker test)

डबल मार्कर टेस्ट Double marker test in pregnancy डबल मार्कर टेस्ट एक ऐसा ब्लड टेस्ट है, इस टेस्ट में मां के ब्लड से प्रेग्नैंसी के दो हार्मोन की मात्रा चेक की जाती है इस टेस्ट के आधार पर यह देखा जाता है कि मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को डाउन सिंड्रोम या जन्मजात अनुवांशिक समस्याओं को देखने के लिए पहली तिमाही के दौरान 9 से 13 सप्ताह मे किया जाता है अनुवांशिक रोग -  कुछ ऐसी बीमारियां जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होती है वह अनुवांशिक लोग कहलाते हैं जैसे शुगर ,चर्म रोग ,थैलेसीमिया ,कुछ ब्लड रोग मंदबद्धि, अपंगता , आदि कुछ उदाहरण है   प्रेग्नैंसी के लिए देखे Test tube baby डाउन सिंड्रोम डाउन सिंड्रोम एक जेनेटिक अनुवांशिक समस्या होती है जोकि गुणसूत्र या क्रोमोजोम के नंबर की गड़बड़ी से होती है हम सब में 46 क्रोमोसोम होते हैं जोकि 23 23 माता पिता के क्रोमोसोम होते हैं इनमें से क्रोमोजोम या गुणसूत्र नंबर 21 में गड़बड़ी के कारण होती है इस कारण इसे  ट्राईसामी-2 भी कहा जाता है यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है  डबल मार्कर टेस्ट क्यों किया जाता है Table Of Conte...

थायराइड क्या है Thyroid kya hai in hindi

1. थायराइड क्या है Thyroid kya hai in hindi what is thyroid मनुष्य के शरीर में गर्दन के बीचो-बीच निचले भाग में एक तितली के आकार की गिनती ग्रंथि होती है  इसको थायराइड ग्रंथि या थायराइड ग्लैंड कहते हैं ! यह ग्रंथि तिथि T3 औरT4 हार्मोन का स्राव करती है !यह दोनों हार्मोन शरीर की अनेक गतिविधियों को नियंत्रण करते हैं  T3  - ट्राईआयोडोथायरोनिन   T4 -थायरॉक्सिन   2. थायराइड के प्रकार   Table Of Contents 2.1 हाइपरथायराइडिज़्म   इस प्रकार की स्थिति में थायराइड हार्मोन का स्राव  सामान्य से अधिक हो जाता है बढ़ जाता है 2.2 हाइपोथायराइडिज़्म   इस प्रकार की स्थिति में थायराइड हार्मोन का स्राव सामान्य से कम हो जाता है थायराइड को गहराई से जाने 3. थायराइड के लक्षण   थायराइड के सामान्य लक्षण  थकान महसूस करना (संतुलित आहार लेने के बाद भी) ! वजन का बढ़ना या वजन कम होना!  बालों का झड़ना ! चिड़चिड़ापन  पाचन क्रिया खराब होना !  तनाव रहना !   यौनशक्ति कम होना!  मांसपेशियों में खिंचाव   इम्युनिटी कम...