google.com, pub-5050673853034467, DIRECT, f08c47fec0942fa0 मकर संक्रांति: तिल-गुड़-मूंगफली का सेहत, परंपरा और विज्ञान से जुड़ा पर्व Skip to main content

5 super suplyment

मकर संक्रांति: तिल-गुड़-मूंगफली का सेहत, परंपरा और विज्ञान से जुड़ा पर्व

मकर संक्रांति: तिल-गुड़-मूंगफली का सेहत, परंपरा और विज्ञान से जुड़ा पर्व

मकर संक्रांति, भारत के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पोषण की दृष्टि से भी बेहद फायदेमंद है। सर्दियों के मौसम में मनाए जाने वाले इस पर्व पर तिल, गुड़ और मूंगफली का सेवन करना परंपरा है। क्या आपने कभी सोचा है कि यह परंपरा क्यों है? इस लेख में हम मकर संक्रांति के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक पहलुओं के साथ-साथ तिल, गुड़ और मूंगफली के स्वास्थ्य लाभों पर चर्चा करेंगे।

---

मकर संक्रांति का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

मकर संक्रांति का नाम ज्योतिषीय घटना से लिया गया है। यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। इस दिन के बाद से दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं। इसे कृषि आधारित समाज में नई फसल के स्वागत और सूर्य देव की उपासना का समय माना जाता है।

पौराणिक संदर्भ

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह दिन भगवान सूर्य और उनके पुत्र शनिदेव के संबंधों को सुधारने का प्रतीक है। इस दिन सूर्य देव दक्षिण से उत्तर की ओर अपनी यात्रा शुरू करते हैं। इसे आत्मा की उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का समय माना जाता है।

Suriya dev

भारत के विभिन्न हिस्सों में मकर संक्रांति की परंपराएं

मकर संक्रांति को देशभर में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है:

1. पंजाब में लोहड़ी: इस दिन आग जलाकर तिल, मूंगफली और गुड़ को अर्पित किया जाता है।

2. गुजरात में उत्तरायण: यहां पतंग उड़ाने और तिल-गुड़ खाने की परंपरा है।

3. तमिलनाडु में पोंगल: इसे फसल के उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जहां गुड़ और तिल के व्यंजन बनाए जाते हैं।

4. महाराष्ट्र में तिलगुड़ पर्व: महिलाएं एक-दूसरे को तिल-गुड़ बांटती हैं और "गोड़-गोड़ बोला" कहती हैं।

इन सभी परंपराओं में तिल, गुड़ और मूंगफली का सेवन एक समानता है। यह केवल सांस्कृतिक जुड़ाव नहीं है, बल्कि इसका वैज्ञानिक और पोषण से भी गहरा संबंध है।

Lohri, pongel

---

तिल, गुड़ और मूंगफली का स्वास्थ्य और पोषण मूल्य

सर्दियों में शरीर को गर्मी, ऊर्जा और पोषण की आवश्यकता होती है। तिल, गुड़ और मूंगफली तीनों ही ऐसी खाद्य सामग्री हैं, जो इन जरूरतों को पूरा करती हैं।

तिल के फायदे

तिल (Sesame Seeds) औषधीय गुणों का भंडार है।

1. हड्डियों की मजबूती: तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक भरपूर होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।

2. दिल की सेहत: तिल में हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर दिल को स्वस्थ रखते हैं।

3. पाचन तंत्र सुधारता है: तिल में फाइबर की उच्च मात्रा कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को दूर करती है।

4. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: तिल में विटामिन ई और फैटी एसिड होते हैं, जो त्वचा को चमकदार और बालों को मजबूत बनाते हैं।

5. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है: तिल का नियमित सेवन उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

गुड़ के फायदे

गुड़ (Jaggery) एक प्राकृतिक स्वीटनर है और इसके कई औषधीय लाभ हैं।

1. खून को शुद्ध करता है: गुड़ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है।
2. पाचन में सहायक: यह कब्ज और अपच को दूर करता है।

3. तत्काल ऊर्जा का स्रोत: गुड़ ठंड में शरीर को ऊर्जा और गर्मी प्रदान करता है।
4. सर्दी-खांसी से बचाव: गुड़ गले की खराश को ठीक करता है।

5. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है: इसमें आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्यूनिटी मजबूत करते हैं।

मूंगफली के फायदे

मूंगफली (Peanuts) को "गरीबों का बादाम" कहा जाता है, क्योंकि इसमें पोषण भरपूर मात्रा में होता है।

1. प्रोटीन का भंडार: मूंगफली प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है।

2. दिल की सेहत सुधारता है: इसमें हेल्दी फैट्स होते हैं, जो हृदय के लिए फायदेमंद हैं।

3. वजन प्रबंधन: मूंगफली भूख को लंबे समय तक शांत रखती है।

4. मस्तिष्क के लिए लाभकारी: मूंगफली में मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं।

5. त्वचा और बालों का पोषण: मूंगफली विटामिन ई से भरपूर होती है।




सर्दियों में तिल-गुड़-मूंगफली का महत्व

ठंड से बचाव

सर्दियों में तिल, गुड़ और मूंगफली का सेवन शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है। इन खाद्य पदार्थों में गर्म तासीर होती है, जो ठंड के प्रभाव को कम करती है।

ऊर्जा का स्रोत

सर्दियों में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। तिल-गुड़ और मूंगफली के लड्डू शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं और थकान को दूर करते हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक

इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और खनिज तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

पाचन तंत्र का रखरखाव

गुड़ और तिल पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। सर्दियों में अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिनसे ये खाद्य पदार्थ बचाव करते हैं।

वजन प्रबंधन में सहायक

तिल-गुड़-मूंगफली के लड्डू लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार खाने की आदत पर नियंत्रण किया जा सकता है। यह वजन बढ़ने से रोकता है।

मकर संक्रांति: परंपरा और विज्ञान का संगम

मकर संक्रांति का त्योहार न केवल परंपराओं से जुड़ा है, बल्कि इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हुए हैं। तिल-गुड़ और मूंगफली के सेवन की परंपरा दर्शाती है कि हमारे पूर्वजों ने सर्दियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन खाद्य पदार्थों को चुना।
समाज और एकता का प्रतीक
मकर संक्रांति पर "मीठा बोलने" और तिल-गुड़ बांटने की परंपरा समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश देती है। यह त्योहार हमें जोड़ने और सामूहिकता का महत्व समझाने का अवसर प्रदान करता है।


सर्दियों का प्राकृतिक उपाय

आधुनिक जीवनशैली में भी मकर संक्रांति का महत्व बरकरार है। तिल-गुड़-मूंगफली के लड्डू न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि ये सर्दियों में स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्राकृतिक तरीका भी हैं।
---

निष्कर्ष

मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन में सेहत, सामूहिकता और परंपराओं का अनूठा संगम है। तिल, गुड़ और मूंगफली के सेवन से न केवल शरीर को ऊर्जा और पोषण मिलता है, बल्कि यह हमें प्रकृति और हमारे सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ता है।

इस पर्व का संदेश है – स्वस्थ रहें, सकारात्मक सोचें और अपने आस-पास प्रेम और सौहार्द का वातावरण बनाएं। मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ बांटने और "गोड़-गोड़ बोलने" की परंपरा को आगे बढ़ाएं और दूसरों के जीवन में मिठास घोलें।


Comments

Popular posts from this blog

हेयर कलर: बालों को नया लुक और स्टाइल देने का ट्रेंड

हेयर कलर: बालों को नया लुक और स्टाइल देने का ट्रेंड आजकल फैशन और स्टाइलिंग में हेयर कलर एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। शादी, पार्टी, या त्योहार—हर मौके के अनुसार लोग हेयर कलर चुनते हैं। युवाओं के लिए हेयर कलर सिर्फ एक स्टाइल नहीं, बल्कि एक पर्सनैलिटी स्टेटमेंट बन चुका है। इस आर्टिकल में हम हेयर कलर के प्रकार, फायदे-नुकसान, और हेयर केयर टिप्स के बारे में विस्तार से बताएंगे। हेयर कलर के प्रकार परमानेंट हेयर कलर (Permanent Hair Color): यह बालों की जड़ों तक पहुंचता है और लंबे समय तक टिकता है। परमानेंट हेयर कलर में अमोनिया और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे केमिकल्स होते हैं। सावधानी: लगाने से पहले स्किन टेस्ट जरूर करें। निर्देशानुसार ही प्रयोग करें। डेमी परमानेंट हेयर कलर (Demi-Permanent Hair Color): इसमें अमोनिया नहीं होता और हाइड्रोजन परॉक्साइड की मात्रा भी कम होती है। यह हेयर कलर 8-10 बार शैंपू करने तक टिकता है। सेमी परमानेंट हेयर कलर (Semi-Permanent Hair Color): यह कलर नेचुरल और सिंथेटिक दोनों वर्जन में मिलता है और 6-8 बार शैंपू करने से निकल जाता है। शॉर्ट टाइम हेयर क...

शिलाजीत: स्वास्थ्य और ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत

शिलाजीत: स्वास्थ्य और ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत शिलाजीत, आयुर्वेद का एक अनमोल खजाना, प्राकृतिक ऊर्जा का ऐसा स्रोत है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संपूर्ण रूप से मजबूत करता है। यह हिमालय की चट्टानों से निकाला गया खनिज-आधारित पदार्थ है, जो अपने गुणों के कारण आयुर्वेद में हजारों वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा है। संस्कृत में "शिलाजीत" का अर्थ है "पर्वतों का विजेता और कमजोरी का नाशक।" Darjuv9 का शिलाजीत कैप्सूल एक प्रमाणित, शुद्ध और प्रभावी उत्पाद है। यह न केवल ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि आपकी इम्यूनिटी, मांसपेशियों, और मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है। Darjuv9 शिलाजीत कैप्सूल की खासियतें >65% Fulvic Acid से भरपूर: यह शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। कोशिकाओं में पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ाता है। 100% प्योर और ऑर्गेनिक: उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे शिलाजीत से निर्मित। इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया गया है। रूस से आयातित शिलाजीत: प्राकृतिक रूप से एकत्रित और लैब टेस्टेड...

Rootin all green स्वास्थ्य के लिए 12 महीनों की योजना:

  स्वास्थ्य के लिए 12 महीनों की योजना: Resveratrol, CoQ10, Astaxanthin, और Quercetin का महत्व स्वास्थ्य जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को पोषण और ऊर्जा प्रदान करने के लिए सप्लीमेंट्स का महत्व बढ़ गया है।  इनमें #Resveratrol, #CoQ10, #Astaxanthin, और #Quercetin जैसे तत्व शरीर को दीर्घकालिक लाभ देते हैं। ये न केवल बीमारियों से बचाव करते हैं, बल्कि उम्र बढ़ने के प्रभावों को धीमा करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक हैं।  इन सप्लीमेंट्स (rootin all green)के माध्यम से आप कैसे अपने स्वास्थ्य को 12 महीनों में बेहतर बना सकते हैं। साथ ही, इन तत्वों की भूमिका और उनके लाभों पर भी चर्चा की जाएगी। Resveratrol: एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट Resveratrol प्राकृतिक रूप से रेड वाइन, अंगूर, और मूंगफली में पाया जाने वाला एक पॉलीफेनोल है। यह शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट(#antioxidant) गुणों से भरपूर होता है, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करता है। Resveratrol के लाभ: हृदय स्वास्थ्य में सुधार: यह कोलेस्ट्रॉल लिपिड्स के स्तर को संतुलित (balance) कर...

"मधुमेह नियंत्रण: प्राकृतिक उपाय, आहार और जीवनशैली में बदलाव से रक्त शर्करा को नियंत्रित करें"

मधुमेह नियंत्रण: जानें कैसे प्राकृतिक उपाय मदद कर सकते हैं मधुमेह (डायबिटीज) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर सही तरीके से रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर नियंत्रित नहीं कर पाता। यह तब होता है जब शरीर में इंसुलिन का स्तर या तो कम होता है या शरीर उस इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता। मधुमेह दो प्रकार का होता है—टाइप 1 और टाइप 2। मधुमेह के कारण टाइप 1 मधुमेह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। यह आमतौर पर बचपन या युवावस्था में होता है। दूसरी ओर, टाइप 2 मधुमेह आमतौर पर वयस्कों में देखा जाता है और यह जीवनशैली और आहार की आदतों से जुड़ा होता है। मधुमेह के लक्षण मधुमेह के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं: अत्यधिक प्यास लगना बार-बार पेशाब आना घावों का धीमा ठीक होना थकावट और कमजोरी दृष्टि में धुंधलापन मधुमेह नियंत्रण के लिए प्राकृतिक उपाय मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आहार, शारीरिक गतिविधि, और जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं कुछ प्रभावी प्राकृतिक उपाय: 1. आहार में सुधार फाइबर यु...

हेमोग्रो सिरप: आयरन की कमी को दूर करने वाला प्राकृतिक समाधान

  हेमोग्रो सिरप: आयरन की कमी को दूर करने वाला प्राकृतिक समाधान आधुनिक जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी आज एक आम समस्या बन गई है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। आयरन की कमी से एनीमिया जैसी स्थिति पैदा होती है, जिससे शरीर में कमजोरी, थकावट और कार्यक्षमता में कमी होती है। आयरन की कमी के लिए सबसे अच्छा आयुर्वेदिक सिरप के रूप में हेमोग्रो सिरप इस समस्या का समाधान प्रदान करता है। हेमोग्रो सिरप क्या है?    हेमोग्रो सिरप एक आयुर्वेदिक उत्पाद जो खून बढ़ाने में मदद करता है। यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है और खून की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है। शरीर में खून बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय के रूप में, यह सिरप खून को शुद्ध करता है, नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है। हेमोग्रो सिरप की आवश्यकता क्यों? आयरन की कमी के लक्षण और प्रभाव आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन का एक प्रमुख घटक है, जो ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी से कई समस्याएं हो सकती हैं: कमजो...